पलवल। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल के स्थापना दिवस समारोह में बुधवार को हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणवीर गंगवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक व सचिव डॉ. विवेक अग्रवाल, कुलगुरु प्रो. (डॉ.) दिनेश कुमार और गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक भी मौजूद रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री रणवीर गंगवा ने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय केवल एक उच्च शिक्षा संस्थान नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कौशल भारत–कुशल भारत की परिकल्पना का एक सशक्त रूप है। उन्होंने कहा कि पीएम के विज़न से प्रेरित होकर हरियाणा सरकार ने देश का पहला राजकीय कौशल विश्वविद्यालय पलवल जिले के दुधौला गांव में स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो आज राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए कौशल शिक्षा का मॉडल बन चुका है।
मंत्री गंगवा ने बताया कि कई राज्य हरियाणा के इस कौशल मॉडल को अपनाते हुए अपने-अपने प्रदेशों में कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि हरियाणा सरकार ने इस परियोजना के लिए 1100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 सितंबर 2018 को इसका शिलान्यास किया था।
उन्होंने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में आज 50 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले कौशल-आधारित प्रोग्राम संचालित किए जा रहे हैं। आने वाले समय में और भी रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान नहीं करता, बल्कि वास्तविक इंडस्ट्री एक्सपोजर, हाथों का हुनर और रोजगार केंद्रित प्रशिक्षण देकर युवाओं का भविष्य संवारने का कार्य कर रहा है।