दिल्ली | मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के यमुना नदी को “झाग-मुक्त” करने के दावे पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एक मीडिया चैनल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया कि यमुना का झाग खत्म नहीं हुआ है, बल्कि इसे रासायनिक छिड़काव के ज़रिए दिन के समय अस्थायी रूप से दबाया जा रहा है।
स्टिंग रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह-सुबह यमुना की सतह पर जहरीले सफेद झाग की मोटी परत साफतौर पर तैरती नजर आई, जो सरकार के दावों के बिल्कुल उलट है। वीडियो में दिखा कि पानी पर झाग की इतनी मोटी परत थी कि नावें भी मुश्किल से रास्ता बना रही थीं।
दिन में साफ क्यों दिखती है नदी? सामने आया बड़ा खुलासा
रिपोर्ट में दावा किया गया कि दिल्ली सरकार सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5-6 बजे तक लगातार रासायनिक स्प्रे कराती है, जिससे झाग सतह पर दिखना बंद हो जाता है। इसी वजह से दिन के समय यमुना साफ दिखती है, जबकि रात में छिड़काव रुकते ही प्रदूषण फिर दिखाई देने लगता है।
पत्रकार ने कहा कि जब उनकी टीम दोपहर में वहां मौजूद थी, तब झाग नज़र नहीं आया क्योंकि उस समय स्प्रे चल रहा था। लेकिन सुबह 7 बजे लिए गए वीडियो में झाग की परत कई फीट मोटी दिखाई दी।
स्टिंग में सामने आए दृश्य और तथ्य यह संकेत देते हैं कि यमुना प्रदूषण को नियंत्रण में दिखाने के लिए केवल “कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट” किया जा रहा है, जबकि वास्तविक समस्या जस की तस बनी हुई है।