इंडोनेशिया | इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर मूसलाधार बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोग अभी भी लापता हैं।
राष्ट्रीय पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया कि पिछले सप्ताह हुई भारी मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर आ गईं, जिसके बाद कई क्षेत्रों में पानी घुस गया और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गईं। हालात इतने खराब हैं कि बचाव दल उत्तर सुमात्रा प्रांत के छह जिलों में प्रभावित इलाकों तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा नुकसान सिबोल्गा शहर में
बचाव टीमों ने अब तक सिबोल्गा शहर से पांच शव और तीन घायलों को बाहर निकाला है। वहीं यहां चार ग्रामीणों की खोज जारी है। पड़ोसी मध्य तपनौली जिले में भूस्खलन से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।
इसके अलावा, बाढ़ ने करीब 2,000 घरों और भवनों को जलमग्न कर दिया है, वहीं दक्षिण तपनौली में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।
आपातकालीन आश्रय और अलर्ट जारी
सिबोल्गा पुलिस प्रमुख एडी इंगंटा ने बताया कि प्रभावितों के लिए आपातकालीन आश्रय शिविर बनाए गए हैं, और प्रशासन ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है।
इंडोनेशिया में बारिश का मौसम और खतरे
अक्टूबर से मार्च के बीच इंडोनेशिया में भारी मानसूनी बारिश आम है। लगभग 17,000 द्वीपों वाले इस देश में लाखों लोग पहाड़ी ढलानों और निचले मैदानी इलाकों के आसपास रहते हैं, जहां भूस्खलन और बाढ़ की आशंका अधिक रहती है।