Bilaspur, Subhash-:पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसा जिला नेतृत्व आवश्यक है, जो सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की क्षमता रखता हो। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिला प्रधान का पद संगठन की रीढ़ माना जाता है, इसलिए इस जिम्मेदारी पर वही व्यक्ति बैठाया जाना चाहिए जो पार्टी के प्रति निष्ठावान हो और संगठन के हितों को सर्वोपरि रखता हो।
बंबर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस एक विचारधारा आधारित पार्टी है, जिसकी वास्तविक शक्ति संगठनात्मक एकजुटता और कार्यकर्ताओं की सक्रियता में निहित है। जब जिला स्तर पर नेतृत्व मजबूत और पारदर्शी हो, तभी पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूती से खड़ी रह सकती है। उन्होंने कहा कि जिला प्रधान का चयन किसी व्यक्तिगत पसंद-नापसंद से नहीं, बल्कि संगठनात्मक जरूरत और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए।उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं और उनका सम्मान व सुनवाई होना आवश्यक है। यदि नेतृत्व समावेशी होगा, तो कार्यकर्ताओं में भी ऊर्जा और उत्साह बढ़ेगा, जिससे पार्टी का जनाधार अपने आप मजबूत होता है। बंबर ठाकुर ने इस बात पर जोर दिया कि जिला नेतृत्व को कार्यकर्ताओं की समस्याओं को समझना चाहिए, उनकी बात सुननी चाहिए और संगठनात्मक गतिविधियों में उन्हें शामिल करना चाहिए।
पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि पार्टी में ऐसे व्यक्तियों को किसी जिम्मेदारी पर नहीं बैठाया जाना चाहिए जिनका इतिहास गुटबाज़ी, भीतरघात या पार्टी से बेवफाई से जुड़ा रहा हो। ऐसे लोग संगठन को कमजोर करते हैं और कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो ईमानदार, सक्रिय और संगठन को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हो।बंबर ठाकुर ने उम्मीद जताई कि जिला प्रधान के चयन के दौरान इन सभी पहलुओं को गंभीरता से देखा जाएगा और ऐसा नेतृत्व चुना जाएगा जो जिले में संगठन को मजबूत करने के लिए निर्णायक भूमिका निभा सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तभी मजबूत होगी जब उसका नेतृत्व निष्पक्ष, जमीनी और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने वाला होगा।