Chamba, Manjur Pathan-:चंबा जिला के ऊपरी और पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले लगभग तीन महीनों से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्राकृतिक वर्षा पर निर्भर रहने वाले इन क्षेत्रों में इस बार लंबे समय तक सूखा बना रहने से सरसों, गेहूं, जौं और मटर जैसी मुख्य रबी फसलें पीली पड़ने लगी हैं। खेतों में नमी की भारी कमी के कारण फसलों की बढ़वार रुक गई है और कई स्थानों पर फसलें खराब होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
किसानों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधाएं सीमित हैं, इसलिए उनकी खेती पूरी तरह मानसूनी और बेमौसमी वर्षा पर आधारित रहती है। सामान्य परिस्थितियों में इन इलाकों में सर्दियों के दौरान समय-समय पर होने वाली बारिश फसलों को मजबूती देती है, लेकिन इस बार मौसम ने पूरी तरह साथ छोड़ दिया है। लगातार सूखे की वजह से किसान आर्थिक नुकसान की आशंका से भी घिरने लगे हैं।स्थानीय किसानों ने बताया कि फसलें सूखने लगी हैं और पत्तियों का रंग पीला हो रहा है, जो गंभीर स्थिति का संकेत है। उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई तो बची-खुची फसल भी नुकसान की चपेट में आ सकती है। किसानों का कहना है कि अब उनकी उम्मीदें केवल आसमान से होने वाली बारिश पर टिकी हैं, क्योंकि यही फिलहाल उनकी फसलों को जीवनदान दे सकती है।किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से भी आग्रह किया है कि वे स्थिति का आकलन कर समय रहते आवश्यक सलाह और सहायता प्रदान करें, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए किसान दुआ कर रहे हैं कि जल्द बारिश हो और उनकी फसलें बच सकें, वरना इस सीजन में भारी हानि झेलनी पड़ सकती है।