Mandi, Dharamveer-:हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में मध्य रात्रि भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.1 मापी गई। हालांकि झटके हल्के थे, लेकिन रात के समय अचानक आए कंपन के कारण कई लोग घरों से बाहर निकल आए।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप मंगलवार देर रात 1 बजकर 21 मिनट 20 सेकंड पर आया। भूकंप का केंद्र शिमला और मंडी जिला की सीमा से सटे करसोग उपमंडल के धलोग क्षेत्र में स्थित था। भूकंप की गहराई पृथ्वी की सतह से लगभग 5 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई, जिसके कारण आसपास के क्षेत्रों में झटके महसूस किए गए।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) मंडी की ओर से बताया गया कि भूकंप के कारण जिले में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन भूकंप संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतना आवश्यक है।
गौरतलब है कि मंडी जिला भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र में आता है। वर्ष 2025 में यह मंडी जिला में भूकंप का चौथा मामला है। इससे पहले 13 अप्रैल 2025 को रविवार सुबह 9 बजकर 18 मिनट पर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी तीव्रता 3.4 दर्ज की गई थी। उस समय सुंदरनगर क्षेत्र के जयदेवी में भूकंप का केंद्र था और इसकी गहराई भी लगभग 5 किलोमीटर नीचे बताई गई थी।इसके अलावा 23 फरवरी 2025 को भी मंडी जिला में 3.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसी वर्ष 7 जनवरी को भी 3.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। यदि बीते वर्ष की बात करें तो 7 दिसंबर 2024 को भी मंडी में 3.3 तीव्रता के भूकंप के झटके आए थे।विशेषज्ञों के अनुसार मंडी के अलावा चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले भी भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील जोन में शामिल हैं। ऐसे में प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी सावधानियों का पालन करने की आवश्यकता है।