Mandi, Dharamveer-:मंडी में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में इस वर्ष एक नई और ऐतिहासिक पहल देखने को मिलेगी। पहली बार महोत्सव में आने वाले देवी-देवताओं के लिए तम्बुओं की विधिवत व्यवस्था की जा रही है। अब तक देवी-देवता खुले आसमान के नीचे विराजमान होते थे, लेकिन इस बार उन्हें सम्मानजनक और सुव्यवस्थित स्थान प्रदान किया जाएगा। सर्व देवता समिति के निवेदन पर अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव आयोजन समिति ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए नई व्यवस्था को मंजूरी दे दी है।
यह अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 16 से 22 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान देवी-देवताओं को पड्डल मैदान की सीढ़ियों के पास विशेष रूप से तैयार किए गए तम्बुओं में विराजमान किया जाएगा। इन तम्बुओं का निर्माण पैगोड़ा शैली में किया जाएगा, जो देखने में आकर्षक होने के साथ-साथ परंपरा और संस्कृति का भी प्रतीक होंगे। यह व्यवस्था कुल्लू के अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव की तर्ज पर की जा रही है, जहां देवी-देवताओं के लिए इस प्रकार की सुविधा पहले से उपलब्ध है।अब तक शिवरात्रि महोत्सव में देवी-देवता मैदान में खुले स्थान पर बैठते थे, जिससे मौसम और भीड़ के कारण कई बार असुविधा होती थी। नई व्यवस्था से देवी-देवताओं के साथ आने वाले हार-गूर और श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। इसके लिए शिवरात्रि महोत्सव समिति और सर्व देवता समिति के पदाधिकारियों ने पड्डल मैदान का संयुक्त रूप से निरीक्षण कर स्थान का चयन किया है।
सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिव पाल शर्मा ने बताया कि यह व्यवस्था देवी-देवताओं के सम्मान और उनकी गरिमा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के इस महा समागम में उनके बैठने, ठहरने और पूजा-अर्चना की उचित व्यवस्था करना सभी का दायित्व है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष कुछ नया और बेहतर करने का प्रयास किया गया है।गौरतलब है कि मंडी के अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में जिला भर के 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा जाता है, जिनमें से करीब पौने दो सौ देवी-देवता हर वर्ष महोत्सव में भाग लेने पहुंचते हैं। पहले ये देवी-देवता कॉलेज परिसर में विराजमान होते थे, लेकिन स्थान की कमी के चलते उन्हें पड्डल मैदान में स्थानांतरित किया गया। अब निश्चित स्थान और तम्बू व्यवस्था के साथ शिवरात्रि महोत्सव एक नई परंपरा की शुरुआत करने जा रहा है, जिससे इस धार्मिक आयोजन की भव्यता और भी बढ़ेगी।