चंडीगढ़ | हरियाणा पुलिस ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए 24 दिसंबर को राज्यव्यापी सघन चेकिंग और छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में विभिन्न जिलों से कुल 342 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अभियान ने न केवल वांछित अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, बल्कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास का संदेश भी मजबूत किया।
हिंसक और वांछित अपराधियों पर शिकंजा
इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता जघन्य एवं हिंसक अपराधों में शामिल 27 वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी रही। सिरसा, कैथल और हिसार जैसे संवेदनशील जिलों में तीन-तीन हिंसक अपराधियों की गिरफ्तारी हुई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अपराधियों के लिए हरियाणा में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।
नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। राज्यभर से 105 ग्राम सुल्फा, 160 किलोग्राम पॉपी हस्क, 786 ग्राम अफीम और 1,070 नशीली गोलियां जब्त की गईं। इसके अलावा 2,500 अंग्रेजी शराब की बोतलें, 19 लीटर अवैध शराब और 13 लीटर लाहन बरामद की गई। यमुनानगर जिले में अकेले 146 किलोग्राम से अधिक पॉपी हस्क की जब्ती दर्ज की गई।
अवैध हथियार, नकदी और चोरी के वाहन बरामद
पुलिस ने तीन देसी कट्टे, दो पिस्टल, 11 कारतूस, पांच खाली खोखे, चाकू व अन्य घातक हथियार जब्त किए। साथ ही ₹3,72,275 नकदी, 4 कारें, 8 मोटरसाइकिल, 2 ट्रैक्टर, 1 स्कूटी और 4 मोबाइल फोन बरामद किए गए। सोनीपत से ₹2,51,800 नकदी की बरामदगी इस अभियान की प्रमुख सफलता रही।
विशेष अपराधों में त्वरित कार्रवाई
नूंह जिला पुलिस ने सड़क हादसे के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया। फरीदाबाद के एसजीएम नगर क्षेत्र में डॉक्टर पर हमला कर लूट करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, और लूटी गई ₹70 हजार की राशि बरामद की गई।
साइबर अपराध और निवेश ठगी में बड़ी सफलता
फेसबुक विज्ञापन और फर्जी ऐप के जरिए ₹19.62 लाख की ठगी के मामले में साइबर पुलिस ने बैंक खातों को फ्रीज कराया और पीड़ित को ₹4.80 लाख वापस दिलाए। फरीदाबाद साइबर थाना ने निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 6 आरोपियों को ग्वालियर, राजस्थान और लखनऊ से गिरफ्तार किया। आरोपियों ने कुल 72.74 लाख रुपये की ठगी की।
साइबर सुरक्षा में रिकॉर्ड उपलब्धि
हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त 335 शिकायतों में से लगभग 1.80 करोड़ की ठगी रिपोर्ट हुई। पुलिस ने ₹85.24 लाख (47.3%) राशि रोक ली। इस दौरान 34 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 621 मोबाइल नंबर, 64 IMEI नंबर ब्लॉक और 129 आपत्तिजनक लिंक हटाए गए।यह अभियान हरियाणा पुलिस की सक्रियता और अपराध नियंत्रण में तेजी का एक मजबूत उदाहरण साबित हुआ।