लुधियाना | 19 जून को होने वाले लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए ओपिनियन पोल प्रकाशित करने के मामले में पुलिस ने एफआईआर (संख्या 0030/2025) दर्ज की है। यह मामला लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126A और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत दर्ज किया गया है।
यह शिकायत 64-लुधियाना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से औपचारिक रूप से दर्ज कराई गई थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने आरोप लगाया कि कुछ डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने मतदान से 48 घंटे पहले ओपिनियन पोल प्रकाशित कर चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन किया है।
इन ऑनलाइन चैनलों पर लगे आरोप
शिकायत में जिन ऑनलाइन पोर्टलों के नाम सामने आए हैं, उनमें “टर्न टाइम्स”, “जन हितेश”, “द सिटी हेडलाइंस” और “ई न्यूज” शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंधित अवधि में ओपिनियन पोल प्रकाशित करने का आरोप है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले तक किसी भी प्रकार का ओपिनियन पोल इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल मीडिया में प्रसारित या प्रकाशित नहीं किया जा सकता।
क्या है कानून का प्रावधान?
चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक, मतदान से पहले के 48 घंटे को “चुप्पी अवधि” (silence period) माना जाता है, ताकि मतदाता बिना किसी बाहरी प्रभाव के अपना निर्णय ले सकें। इस अवधि में ओपिनियन पोल प्रकाशित करना चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित करता है।
आगे की जांच जारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन लुधियाना द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।