सिरसा |सिरसा के नागरिक अस्पताल में सोमवार दोपहर को एक नाबालिग द्वारा शौचालय में नवजात को जन्म देने का मामला सामने आया। शौचालय का उपयोग कर रही दूसरी महिला ने बच्चे को देखा और तुरंत एमसीएच वार्ड के स्टाफ को सूचना दी।
अस्पताल स्टाफ ने बच्चे को उठाकर प्राथमिक उपचार दिया और उसे एसएनसीयू (स्पेशल न्यून जन्म शिशु देखभाल इकाई) में भर्ती करवाया। वहीं, डिलीवरी के बाद नाबालिग को लगातार ब्लीडिंग होने लगी। परिजन उसे अस्पताल से ले जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत इमरजेंसी में लाया गया। गायनी चिकित्सक ने स्थिति को गंभीर मानते हुए ऑपरेशन थिएटर में उपचार किया।
फिलहाल नाबालिग की हालत स्थिर है और दोनों—मां और नवजात—सुरक्षित बताए जा रहे हैं। नवजात शिशु का वजन 2.45 किलोग्राम है और उसे बिना ऑक्सीजन के एसएनसीयू में रखा गया है। शिशु नियमित रूप से दूध पी रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी पुलिस और बाल कल्याण समिति को दी। पीड़िता बड़ागुढ़ा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। पुलिस ने मंगलवार को पीड़िता का बयान दर्ज किया। बयान में नाबालिग ने आरोप लगाया कि उसके एक रिश्तेदार ने उसके साथ दुष्कर्म किया था और किसी को बताने से मना किया था। पेट दर्द की शिकायत पर सोमवार को वह मां के साथ अस्पताल पहुंची थी।