समर न्यूज | अमृतसर
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आए पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क और हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा मामले के बाद भारत-पाकिस्तान धार्मिक यात्राओं को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। अब पाकिस्तान जाने वाले निजी प्रायोजित धार्मिक टूर पर रोक लगा दी गई है। सिख श्रद्धालुओं के लिए यात्रा एसजीपीसी और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) जैसे अधिकृत धार्मिक संगठनों के जत्थों के माध्यम से कराने पर जोर दिया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि धार्मिक यात्राओं की आड़ में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और वहां के निजी टूर ऑपरेटर भारतीय नागरिकों से संपर्क कर सकते हैं। एचएसजीएमसी के पर्यटन प्रभारी हरकीरत सिंह के मुताबिक, ज्योति मल्होत्रा जैसे मामले सामने आने के बाद प्रायोजित टूर बंद किए गए हैं। बताया गया है कि मल्होत्रा भी प्रायोजित यात्रा के जरिए पाकिस्तान गई थी। भारत-पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राएं मुख्य रूप से 1974 के द्विपक्षीय धार्मिक स्थलों की यात्रा संबंधी प्रोटोकॉल के तहत होती हैं।
फैसलाबाद एयरपोर्ट पर 104 सिख श्रद्धालु रोके
पाकिस्तान से भारत में सिख गुरुधामों के दर्शन के लिए आ रहे 104 श्रद्धालुओं को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर करीब 12 घंटे से रोके जाने की जानकारी सामने आई है। श्रद्धालुओं के मुताबिक, उनके पास वैध भारतीय वीजा हैं, लेकिन पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी। एनओसी की मांग: इमीग्रेशन अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से पाकिस्तान सरकार, गृह विभाग और विदेश विभाग की एनओसी मांगी। श्रद्धालुओं का कहना है कि वाघा सीमा से भारत जाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्होंने हवाई यात्रा का विकल्प चुना था। इसके लिए उन्होंने महंगी टिकटें खरीदीं और समय पर एयरपोर्ट पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि एनओसी जरूरी थी तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी।