एजंेसी | नई दिल्ली
भारत की मेजबानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम में आर्थिक ताकत और वैश्विक व्यवस्था को लेकर अहम संदेश सामने आए। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में नए केंद्र तेजी से उभर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक रही, जबकि जी-7 की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत रही। वैश्विक आर्थिक वृद्धि में भी ब्रिक्स की हिस्सेदारी आधे से अधिक रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है। ये देश वैश्विक जीडीपी में लगभग 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार में 25 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखते हैं।
उन्होंने कहा कि 2006 में चार देशों से शुरू हुआ यह समूह अब 11 सदस्य देशों तक पहुंच चुका है और साझेदार देशों को मिलाकर इसका दायरा और व्यापक हो गया है।
कारोबार और तकनीक पर जोर: ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पुतिन ने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में नए विकास केंद्रों की भूमिका बढ़ रही है। उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के जरिए बुनियादी ढांचे, परिवहन, वित्त और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने भी सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में कारोबार बढ़ाने की जरूरत बताई।
वहीं दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने अफ्रीकी देशों में निवेश बढ़ाने की मांग रखी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी आर्थिक अस्थिरता के दौर में मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, सीमा पार भुगतान व्यवस्था, राष्ट्रीय मुद्राओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।
ब्रिक्स में स्टार्टअप सहयोग, नवाचार और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने की योजनाओं पर भी चर्चा हो रही है।
पुतिन और मोदी में 45 मिनट तक बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच शुक्रवार को करीब 45 मिनट बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के साथ पश्चिम एशिया और यूक्रेन समेत वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। मोदी ने संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को भारत का प्रमुख रुख बताया। पुतिन ने भारत-रूस सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
पजशकियान बोले- अपनी करेंसी में कारोबार बढ़ाएं
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ब्रिक्स देशों को आपसी कारोबार में अपनी-अपनी करेंसी का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था कुछ गिनी-चुनी करेंसी पर ज्यादा निर्भर है, इसलिए यह राजनीतिक संकट से प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय बहुत मुश्किल दौर से गुजर रही है। सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं। इससे कारोबार का माहौल मुश्किल हो गया है।