summer express , मुंबई। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई व ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता का असर घरेलू बाजार पर पड़ा। सेंसेक्स 552.02 अंक की गिरावट के साथ 74,350.57 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 192.15 अंक टूटकर 23,285.65 पर कारोबार करता नजर आया।
एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को बिकवाली का दबाव देखने को मिला। अमेरिका में गुरुवार को शेयर बाजारों में आई गिरावट के बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख बाजारों में निवेशकों का रुख कमजोर रहा। महंगे कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण निवेशक महंगाई और ब्याज दरों के अगले रुख को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
जापान का निक्केई 225 करीब 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 2.6 प्रतिशत नीचे रहा। वैश्विक बाजारों में जारी दबाव का सीधा असर भारतीय बाजार की शुरुआत और कारोबार पर भी दिखाई दिया।
अमेरिकी शेयर बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.6 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में करीब 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 0.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
उधर, अमेरिका की 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड एशियाई कारोबार के दौरान करीब 5 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर बनी रही। इससे पहले गुरुवार को यह 4.95 प्रतिशत पर बंद हुई थी। बॉन्ड यील्ड में लगातार मजबूती और ऊर्जा कीमतों में तेजी से वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ी है, जिसका असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर देखने को मिल रहा है।