summer express , नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार तड़के भारत पहुंच गए। उनका विशेष विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा। पुतिन भारत में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब पुतिन किसी BRICS शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से भाग लेने के लिए विदेश यात्रा पर भारत आए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की बैठक में भारत-रूस के बीच व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग के साथ कई रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे कुछ दिन पहले 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान भी मोदी और पुतिन की मुलाकात हुई थी। उस बैठक में दोनों नेताओं ने राजनीतिक संबंधों के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की थी। इसके अलावा पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्षों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ था।
यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और बढ़ते भू-राजनीतिक दबाव के बावजूद भारत और रूस आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर है।
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के अनुसार, भारत और रूस के बीच दुर्लभ धातुओं यानी रेयर अर्थ्स के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है। इसके अलावा भारत को रूस के अत्याधुनिक सुखोई Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट की संभावित बिक्री के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। ऐसे में पुतिन की भारत यात्रा से रक्षा, ऊर्जा और आर्थिक क्षेत्र में दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।