Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश के साथ भेदभाव कर रही है और राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।चौहान ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता हिमाचल के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं और दिल्ली जाकर राज्य के लिए मिलने वाली सहायता को रोकने का दबाव बना रहे हैं।
उद्योग मंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में कर्मचारियों और पेंशनरों की करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां छोड़ गई। मिशन रिपीट के नाम पर प्रदेश के आर्थिक संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया, जिसका खामियाजा अब राज्य को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र से हिमाचल को 4270 करोड़ रुपये की सहायता मिली, लेकिन इसमें राज्य का अंश घटाने के बाद वास्तविक मदद सिर्फ 3554 करोड़ रुपये रह जाती है।
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के फैसले से बिजली बोर्ड को हर साल करीब 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) को भी भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। उनके मुताबिक भाजपा ने प्रदेश की वित्तीय हालत बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
उद्योग मंत्री ने यह भी कहा कि जीएसटी मुआवजा बंद होने, रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट में कटौती और लोन लिमिट घटने से हिमाचल को गंभीर नुकसान हुआ है। अब तक राज्य सरकार को 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक चोट लग चुकी है।