पठानकोट। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा भारत के एक नाबालिग को जासूसी के जाल में फंसाने का गंभीर मामला सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से इस साजिश का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने 15 वर्षीय किशोर को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया है।
एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि हिरासत में लिया गया किशोर जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले सांबा का रहने वाला है। कुछ वर्ष पहले उसके पिता की मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद वह अकेला रहने लगा। इसी दौरान वह सोशल मीडिया के जरिए आईएसआई के संपर्क में आया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी नामों और नकली प्रोफाइल के माध्यम से उसे धीरे-धीरे विश्वास में लिया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इसके बाद किशोर से संवेदनशील जानकारियां जुटाने का प्रयास किया गया। अधिकारियों का कहना है कि आईएसआई अब कम उम्र के बच्चों और किशोरों को आसान लक्ष्य बना रही है, ताकि लालच और पैसों के जरिए उनसे सूचनाएं हासिल की जा सकें।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि नाबालिग होने के कारण उससे पूछताछ बेहद संवेदनशील और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि किशोर को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा बन रहा है। उससे छोटे-मोटे काम करवाए गए और धीरे-धीरे उसे गलत दिशा में धकेला गया।
इस मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और कड़ी कर दी है। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें, क्योंकि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर दुश्मन देश युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।