गुरुग्राम। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को गुरुग्राम पहुंचे, जहां उनकी उपस्थिति में हरियाणा विजन 2047 – प्री बजट कंसल्टेशन का पहला सत्र औपचारिक रूप से शुरू किया गया। इस सत्र का उद्देश्य प्रदेश के दीर्घकालिक विकास रोडमैप को तैयार करने और आगामी बजट से पहले विभिन्न वर्गों व सेक्टर्स से सुझाव जुटाना है।
इस अहम बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक मुकेश शर्मा, मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही उद्योग, व्यापार, स्टार्टअप, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार और सुझाव साझा किए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विजन 2047 का लक्ष्य राज्य को आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए सरकार बजट निर्माण से पहले सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित कर रही है, ताकि नीतियां ज़मीनी जरूरतों के अनुरूप बनाई जा सकें।
प्री-बजट कंसल्टेशन सत्र में औद्योगिक विकास, निवेश को बढ़ावा, रोजगार सृजन, कौशल विकास, शहरी आधारभूत ढांचे और व्यापार सुगमता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकार से नीतिगत स्थिरता, तेज मंजूरी प्रक्रिया और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देने की मांग रखी।
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि ऐसे प्री-बजट कंसल्टेशन सत्र प्रदेश के अन्य शहरों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर वर्ग की आवाज को बजट प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्राप्त सुझावों को आगामी बजट और दीर्घकालिक नीति निर्माण में गंभीरता से शामिल किया जाएगा।