चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने राज्य में ‘जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण संशोधन अधिनियम, 2024’ को लागू करने और इसके प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी करेंगे।
समिति का उद्देश्य अधिनियम के सभी प्रावधानों का व्यापक अध्ययन करना, लागू करने में आने वाली चुनौतियों की पहचान करना और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत करना है।
सूत्रों के अनुसार, समिति में पर्यावरण विभाग, वन एवं वन्यजीव विभाग, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर एवं ग्राम आयोजना और शहरी संपदा विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा शहरी स्थानीय निकाय विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग भी समिति में प्रतिनिधित्व करेंगे।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अभियंता भूपेंद्र रिणवा को समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है। समिति सभी विभागों से प्राप्त डेटा और जानकारी का विश्लेषण करेगी और जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
सरकार का मानना है कि इस समिति के गठन से राज्य में जल प्रदूषण पर काबू पाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में तेजी आएगी, जिससे हरियाणा की जल सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार संभव होगा।