ईरान | ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शन तेज हो रहे हैं और अमेरिकी रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि इन आंदोलनों से खामनेई नेतृत्व की पकड़ कमजोर पड़ रही है। महंगाई, आर्थिक संकट और दमन के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन फैल रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी की हाउस कमेटी ऑन फॉरेन अफेयर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ईरानी जनता तानाशाह अयातुल्ला खामनेई और उनके शासन से तंग आ चुकी है। कमेटी ने कहा कि यह आंदोलन ईरान में सरकार की पकड़ ढीली कर रहा है और इस तानाशाह का अंत निकट है।
पूर्व युवराज रज़ा पहलवी ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बताया कि हालात पहले से कहीं अधिक गंभीर हैं। 100 से अधिक शहरों में लाखों लोग सड़कों पर हैं और ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ तथा ‘इस शासन का अंत करो’ जैसे नारे लगा रहे हैं। हालांकि, इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर की रिपोर्ट में 5 और 6 जनवरी को प्रदर्शन की गति कुछ कम बताई गई है। माना जा रहा है कि ईरानी सरकार आर्थिक रियायतें देकर हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन अल जज़ीरा के अनुसार जंगल की आग की तरह फैल रहे हैं, और भारी संख्या में सशस्त्र सुरक्षाबलों के बावजूद सरकार उन्हें काबू में नहीं कर पा रही है। इलाम प्रांत के अबदानान शहर में हजारों लोग—including बच्चे—सड़कों पर उतरे। हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराते रहे, लेकिन प्रदर्शनकारियों की संख्या सुरक्षा बलों से कहीं अधिक रही।
इसी प्रांत की राजधानी इलाम में सुरक्षाबलों ने इमाम खुमैनी अस्पताल में घुसकर प्रदर्शनकारियों की तलाश और गिरफ्तारियां कीं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। सरकारी मीडिया के अनुसार, झड़पों में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि एक पुलिसकर्मी के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
ईरान वर्तमान में दुनिया के सबसे ज्यादा महंगाई झेल रहे देशों में शामिल है। खाने-पीने की चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। तेहरान के खुले बाजार में ईरानी रियाल 1 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14.7 लाख तक गिर गया है, जिससे जनता और निवेशकों का भरोसा कम हुआ है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान की सरकार हालात संभालने का दावा कर रही है, लेकिन आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है।