पलवल। मनरेगा का नाम बदलकर वीबीजी रामजी किए जाने और योजना में किए गए बदलावों को लेकर हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने पलवल के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बदलाव जनहित और पारदर्शिता के लिए किए गए हैं, जिन्हें कांग्रेस और विपक्ष पचा नहीं पा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह प्रभावी कदम उठाया है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि ग्रामीण विकास को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चाहे जितने भी षड्यंत्र कर ले, देश का आम नागरिक विकसित भारत के संकल्प के साथ मजबूती से खड़ा है।
विपुल गोयल ने कहा कि पहले मनरेगा में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार होता था, जिसे रोकने के लिए योजना का नाम और स्वरूप बदला गया है। नए बदलावों से योजना में पूरी पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। उन्होंने कांग्रेस पर बेवजह विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें राम के नाम से कोई समस्या नहीं होनी चाहिए, क्योंकि महात्मा गांधी भी राम का नाम लेते थे।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष सकारात्मक भूमिका नहीं निभा रहा है। उन्हें डर है कि विकास कार्यों से उनकी राजनीतिक दुकान बंद हो जाएगी, इसलिए वे विरोध कर रहे हैं। विपुल गोयल ने दावा किया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं को राम जी और विकास—दोनों से नफरत है, इसी वजह से वे इस जनकल्याणकारी योजना का विरोध कर रहे हैं।