फर्जी एनओसी कांड: नगर निगम क्षेत्र के लिए टीसीपी की जाली अनुमति, हमीरपुर में हड़कंप
Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) विभाग के नाम पर जारी की गई एक फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) का मामला सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। विभागीय जांच में खुलासा हुआ है कि यह एनओसी न केवल जाली थी, बल्कि जिस क्षेत्र के लिए इसे जारी दिखाया गया, वह टीसीपी विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता ही नहीं था। संबंधित क्षेत्र नगर निगम के अंतर्गत शहर का एक वार्ड है।
जानकारी के अनुसार शातिरों ने टीसीपी विभाग के मंडलीय नगर योजनाकार कार्यालय के नाम से फर्जी एनओसी तैयार कर उसे विभिन्न विभागों में प्रसारित किया। हालांकि, नगर निगम क्षेत्र के लिए टीसीपी की एनओसी दर्शाना आरोपियों की सबसे बड़ी चूक साबित हुई। विभागीय अधिकारियों ने जब दस्तावेजों की गहन जांच की तो फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया।यह मामला बीते वर्ष 29 दिसंबर को सामने आया, जब टीसीपी मंडलीय कार्यालय हमीरपुर ने सदर थाना में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के अनुसार एक अज्ञात व्यक्ति कार्यालय में एक एनओसी लेकर पहुंचा और उसे विभाग द्वारा जारी बताया। जांच में सामने आया कि एनओसी पर किए गए हस्ताक्षर प्लानिंग ऑफिसर के नहीं थे और डिस्पैच नंबर भी आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता था।इतना ही नहीं, इस फर्जी एनओसी की एक प्रति प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हमीरपुर के सहायक अभियंता को भी भेजी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकारी विभागों को गुमराह करने की सुनियोजित कोशिश की गई।
नगर योजनाकार अधिकारी हरजिंद्र सिंह ने पुष्टि की कि एनओसी पूरी तरह फर्जी है और विभाग से इसका कोई संबंध नहीं है। वहीं पुलिस अधीक्षक बलवीर ठाकुर ने बताया कि विभागीय शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि फर्जी एनओसी कहां तैयार की गई, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और इसे किन-किन विभागों में भेजा गया। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।