Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर जिले में नशा अब केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक चुनौती के रूप में सामने आ रहा है। प्रदेश सरकार की नशे के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति और पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद नशा तस्करी और सेवन से जुड़े मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सामने आए ताजा आंकड़े इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि नशे की जड़ें जिले में पहले से कहीं ज्यादा गहरी होती जा रही हैं।
हमीरपुर पुलिस भले ही नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के दावे कर रही हो, लेकिन मामलों में लगातार इजाफा यह सवाल खड़ा करता है कि क्या मौजूदा रणनीति नशे के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने में सक्षम है। चालू वित्त वर्ष में नशा कारोबार से जुड़े मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 80 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुलिस इसे अपनी सक्रियता और जनता की जागरूकता का परिणाम मान रही है, लेकिन सामाजिक दृष्टि से यह आंकड़ा खतरे की घंटी है।आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में जिले में नशे से संबंधित 65 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 108 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या तेजी से बढ़ते हुए 119 मामलों तक पहुंच गई और 191 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया। यह साफ दर्शाता है कि नशा तस्करी के साथ-साथ नशे का सेवन भी तेजी से फैल रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है।
नशे के मामलों के साथ-साथ जिले में अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी करीब 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ गई है। सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि नशा न केवल अपराध को बढ़ावा देता है, बल्कि परिवारों और समाज की संरचना को भी कमजोर करता है।
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में नशे के मामलों में लगभग 80 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और पुलिस ने 119 मामलों में 191 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अन्य अपराधों पर भी सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।पुलिस का कहना है कि चिट्टे जैसे घातक नशे को जड़ से खत्म करने के लिए अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। नई कार्यप्रणाली के तहत यदि कोई आरोपी सरकारी या गैर-सरकारी नौकरी में पाया जाता है, तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। इसके अलावा आरोपियों के पुराने और वर्तमान आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच कर नशे के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।