चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने नाभा जेल में बंद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने पंजाब सरकार को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि मजीठिया की जान की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए। हाईकोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी एडीजीपी (जेल) और नाभा जेल के सुपरिंटेंडेंट पर तय की जाएगी।
यह आदेश मजीठिया की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें उनकी जान को गंभीर खतरा बताया गया था। याचिका में दावा किया गया कि उन्हें आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल की ओर से धमकियां मिल रही हैं और जेल के भीतर भी उनकी सुरक्षा को लेकर हालात चिंताजनक हैं। फिलहाल मजीठिया नाभा जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
खुफिया रिपोर्ट में आतंकी साजिश का दावा
सूत्रों के अनुसार, एक केंद्रीय खुफिया एजेंसी से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर पंजाब पुलिस के स्पेशल डीजीपी (इंटेलिजेंस) ने एक महत्वपूर्ण ई-मेल जारी किया है। इसमें खुलासा किया गया है कि पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) बिक्रम सिंह मजीठिया को निशाना बनाने की साजिश रच रहा है। इसी इनपुट के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, निगरानी बढ़ी
3 जनवरी 2026 को जारी इस खुफिया अलर्ट में स्पेशल डीजीपी (सुरक्षा), एडीजीपी (जेल), एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पटियाला जोनल इंटेलिजेंस यूनिट को पूरे मामले पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अहम सूचना को तुरंत उच्च अधिकारियों के साथ साझा किया जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे पर मजीठिया की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी और बढ़ गई है।