Dharamshala, Rahul-:जिला मुख्यालय धर्मशाला में शहीद स्मारक के समीप स्थित वन विभाग द्वारा निर्मित पार्क को जल्द ही ईको टूरिज्म सोसायटी के तहत लाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत पार्क में प्रवेश के लिए वाजिब शुल्क तय किया जाएगा, जिससे प्राप्त होने वाली राशि को पार्क की नियमित देखरेख, सफाई और विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। वन विभाग का मानना है कि इससे न केवल पार्क की स्थिति बेहतर होगी, बल्कि आगंतुकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पार्क में समय-समय पर झाड़ियां और घास उग आती हैं, जिनकी नियमित कटाई और रखरखाव के लिए स्थायी बजट की आवश्यकता है। इसके अलावा, पार्क में घूमने आने वाले कई लोग खाद्य सामग्री के रैपर और पानी की खाली बोतलें यहीं छोड़ देते हैं, जिससे प्लास्टिक कचरा एकत्रित हो जाता है। हालांकि विभाग समय-समय पर सफाई अभियान चलाता है, लेकिन नियमित और प्रभावी रखरखाव के लिए आर्थिक संसाधनों का होना जरूरी है।ईको टूरिज्म सोसायटी के तहत आने के बाद पार्क में प्रवेश शुल्क बहुत अधिक नहीं होगा, बल्कि आम जनता की पहुंच को ध्यान में रखते हुए एक मामूली और वाजिब शुल्क निर्धारित किया जाएगा। इससे एकत्रित धनराशि को सीधे पार्क की साफ-सफाई, हरियाली बनाए रखने और आधारभूत सुविधाओं के विकास में लगाया जाएगा।
वन विभाग की योजना के अनुसार, आने वाले समय में पार्क में आगंतुकों की सुविधा के लिए पेयजल व्यवस्था की जाएगी और शौचालय ब्लॉक का निर्माण भी किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी।
पार्क के समग्र विकास के लिए वन विभाग जिला प्रशासन, नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना की ओर से मिलने वाले सुझावों पर भी अमल करने की बात कह रहा है। अधिकारियों का मानना है कि आपसी समन्वय से पार्क को एक आदर्श हरित स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है।
डीएफओ दिनेश शर्मा ने बताया कि पार्क में झाड़ियां और घास लगातार उगती रहती हैं और कई बार आगंतुक कचरे का सही ढंग से निपटान नहीं करते, जिससे प्लास्टिक कचरा जमा हो जाता है। विभाग द्वारा सफाई तो करवाई जाती है, लेकिन इसके लिए नियमित बजट जरूरी है। इसी उद्देश्य से पार्क को ईको टूरिज्म सोसायटी के तहत लाया जा रहा है। प्रवेश शुल्क वाजिब रखा जाएगा और उससे प्राप्त राशि को पार्क की देखरेख, शौचालय निर्माण और पेयजल जैसी सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।