असम | असम के जोरहाट जिले में 35 वर्षीय दीपांकर बारदोली का दिल का दौरा पड़ने से स्कूल में ही निधन हो गया। घटना उस समय हुई जब दीपांकर अपने बेटे का यूकेजी कक्षा का रिज़ल्ट लेने सैमफोर्ड स्कूल गए थे। स्कूल परिसर में उनकी अचानक हालत बिगड़ी और वे मौके पर गिर पड़े।
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि दीपांकर गिरने से पहले किसी चीज़ का सहारा लेने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन असफल रहे। स्कूल में मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद की और उन्हें जोरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने स्कूल में हड़कंप मचा दिया और कई बच्चों और अभिभावकों को गहरा सदमा लगा।
दीपांकर असम सरकार के सिंचाई विभाग में इंजीनियर थे। उनके परिवार के अनुसार, वे काफी फिट थे और किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं थे। उनकी अचानक मौत से न केवल परिवार बल्कि स्कूल और स्थानीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई।
इस घटना ने एक बार फिर युवाओं और कार्यरत व्यक्तियों में हार्ट अटैक के बढ़ते खतरों पर चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में, 11 जनवरी को नई दिल्ली में सिंगर और अभिनेता प्रशांत तमांग की भी हार्ट अटैक से मृत्यु हुई थी। इसके अलावा, वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल की भी हार्ट अटैक से न्यूयॉर्क में मौत हुई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव, अनियमित जीवनशैली और कार्यदबाव हार्ट अटैक की प्रमुख वजह बन रहे हैं। इसलिए युवाओं और कार्यरत व्यक्तियों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और स्ट्रेस मैनेजमेंट आवश्यक है।