हांसी। हांसी क्षेत्र के डाटा गांव में बिना मुआवजा दिए किसानों के खेतों में हाई टेंशन बिजली लाइन बिछाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को जैसे ही बिजली विभाग की टीम खेतों में पोल लगाने पहुंची, किसानों ने एकजुट होकर विरोध जताया और काम तत्काल रुकवा दिया। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक सभी प्रभावित किसानों को नियमानुसार पूरा मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक किसी भी हाल में खेतों में बिजली लाइन का काम नहीं होने दिया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मसूदपुर बिजली घर से गैबीपुर तक और मसूदपुर से किन्नर नाडा गांव की दिशा में हाई टेंशन लाइन बिछाने की योजना है। किसानों का आरोप है कि बिजली विभाग ने निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए बिना किसी पूर्व सूचना और भुगतान के उनकी जमीन में पोल गाड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलते ही किसान नेता दशरथ मलिक, एडवोकेट हर्षदीप गिल, जगबीर, शमशेर सहित बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और कार्य को रुकवा दिया।
किसानों ने इसे उनके अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। किसान नेता दशरथ मलिक ने कहा कि विभागीय अधिकारियों ने पहले दोपहर एक बजे बातचीत का समय तय किया, फिर उसे दो बजे कर दिया गया, लेकिन शाम तक भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे साफ है कि विभाग किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा।
किसानों का कहना है कि नियमों के अनुसार जिन खेतों में बिजली के पोल लगाए जाते हैं, वहां कलेक्टर रेट से दोगुना मुआवजा दिया जाना चाहिए, जबकि जिन जमीनों के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजरती है, उनके लिए 30 प्रतिशत मुआवजा तय है। इसके बावजूद अभी तक किसी भी किसान को एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया गया है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मुआवजे की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो 27 जनवरी को प्रस्तावित किसान महापंचायत में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा और आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने दो टूक कहा कि उनकी मांग बिल्कुल स्पष्ट है—पहले पूरा मुआवजा, उसके बाद ही कोई काम।