करनाल | हरियाणा के करनाल में मंदिर में की गई प्रेम विवाह की एक घटना उस समय कानूनी पचड़े में फंस गई, जब सुरक्षा की मांग लेकर थाने पहुंचे नवविवाहित जोड़े में दूल्हा नाबालिग निकला। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए बाल विवाह निषेध अधिकारी को सूचना दी और दुल्हन समेत पंडित व गवाहों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 13 जनवरी की शाम करीब सात से आठ बजे एक प्रेमी जोड़ा सीतामाई चौकी पहुंचा और बताया कि उन्होंने मंदिर में विवाह कर लिया है तथा उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता है। पुलिस ने जब उनके विवाह से जुड़े दस्तावेजों की जांच की, तो पता चला कि दूल्हे की उम्र 20 वर्ष है, जो कानूनन विवाह के लिए न्यूनतम आयु से कम है। वहीं, युवती की उम्र 22 वर्ष बताई गई।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा को सूचित किया। इसके आधार पर सेक्टर 32-33 थाना में दुल्हन, विवाह कराने वाले पंडित और दो गवाहों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
युवती ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसने अपनी इच्छा से 13 जनवरी को मां बगलामुखी ज्योतिष अनुष्ठान केंद्र स्थित श्री हनुमान मंदिर, निर्मल विहार करनाल में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की थी। विवाह पंडित कमलकांत ने संपन्न कराया और प्रमाण पत्र भी जारी किया गया।
थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि बाल विवाह से जुड़ा मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।