Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 30 जनवरी की रात से 2 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान खासतौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का असर ज्यादा देखने को मिलेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक 31 जनवरी और 1 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। 1 फरवरी को कुल्लू, चंबा, लाहौल-स्पीति सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है, जबकि मध्यम ऊंचाई और मैदानी जिलों में बारिश दर्ज की जा सकती है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है।
सैकड़ों सड़कें अब भी बंद
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। जनवरी महीने में अब तक सामान्य से करीब 29 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जिससे ठंड और बढ़ गई है। लगातार बदलते मौसम के कारण जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है।बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के बाद प्रदेश में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। राज्य में अब भी तीन राष्ट्रीय राजमार्गों समेत लगभग 652 सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हैं। इसके अलावा 669 बिजली ट्रांसफार्मर और 147 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं, जिनकी बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा सड़कों को बहाल करने और बिजली-पानी की आपूर्ति सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वालों और पर्यटकों को सावधानी बरतने को कहा गया है।