Dharamshala, Rahul-:विद्युत बोर्ड कांगड़ा जोन के अंतर्गत आने वाले जिला कांगड़ा और चंबा में सरकारी विभागों पर बिजली बिलों की पेंडेंसी लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार सरकारी विभागों की कुल बिजली बिल पेंडेंसी अब लगभग 170 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिसंबर 2025 तक यह पेंडेंसी 164 करोड़ रुपये थी, जिसमें बीते कुछ महीनों में और इजाफा हुआ है।
सबसे अधिक बकाया राशि जल शक्ति विभाग (जेएसवी) पर दर्ज की गई है। अकेले जेएसवी विभाग पर ही करीब 126 करोड़ रुपये के बिजली बिल लंबित हैं, जबकि अन्य सरकारी विभागों पर लगभग 37.9 करोड़ रुपये की पेंडेंसी है। विद्युत बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विभाग आमतौर पर एक से दो माह के अंतराल में लंबित बिलों का भुगतान कर देते हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह से गंभीर नहीं बनती, लेकिन बकाया राशि का आंकड़ा लगातार बढ़ना चिंता का विषय है।
विद्युत बोर्ड के अनुसार जेएसवी विभाग की ओर से भी समय-समय पर भुगतान किया जाता है और विभाग ने 31 मार्च तक लंबित भुगतान क्लियर करने का भरोसा दिलाया है। वहीं दूसरी ओर घरेलू उपभोक्ताओं पर विद्युत बोर्ड सख्ती बरतता है। समय पर बिजली बिल अदा न करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को टीडीसीओ (अस्थायी कनेक्शन कटौती आदेश) जारी किए जाते हैं, जिसके बाद उपभोक्ता मजबूरन बिल जमा कराते हैं। इस स्थिति को लेकर आम उपभोक्ताओं में असंतोष भी देखने को मिलता है।
उधर, जिला चंबा के तीसा और भरमौर उपमंडल में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी से विद्युत बोर्ड कांगड़ा जोन को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। बर्फबारी के चलते करीब 750 ट्रांसफार्मर ठप हो गए थे, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों ने कठिन परिस्थितियों में लगातार काम करते हुए सभी ट्रांसफार्मरों को बहाल कर दिया है और वर्तमान में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य बताई जा रही है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए विद्युत बोर्ड कांगड़ा जोन के तहत आरडीएसएस योजना के अंतर्गत दो बड़े प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं। इस योजना के तहत पुरानी और जर्जर लाइनों को हटाकर नई और आधुनिक लाइनें बिछाई जा रही हैं। जिला कांगड़ा, चंबा और ऊना में इन परियोजनाओं पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत 33 केवी के कुल 13 नए सब-स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें 7 कांगड़ा, 2 चंबा और 4 ऊना जिले में प्रस्तावित हैं। हालांकि काम की गति फिलहाल धीमी है, लेकिन विद्युत बोर्ड का दावा है कि वर्ष 2027 तक सभी परियोजनाएं समय पर पूरी कर ली जाएंगी।