गुरुग्राम। शहर में बीते 24 घंटों के भीतर घामडोज टोल प्लाजा समेत चार अलग-अलग स्थानों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया। पिस्टल की बरामदगी के दौरान आरोपी ने अचानक पुलिस टीम पर गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली एएसआई मनमोहन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगी, जिससे उनकी जान बच गई।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी विनय के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा आरोपी बॉबी हिरासत से भागने की कोशिश में गिरकर घायल हो गया। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पिस्टल बरामदगी के दौरान की फायरिंग
जानकारी के अनुसार, कादरपुर निवासी विनय, बॉबी और पवन को फायरिंग की वारदातों में शामिल होने के आरोप में शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट से एक दिन का पुलिस रिमांड मिलने के बाद देर रात पुलिस टीम आरोपी विनय को हथियार बरामदगी के लिए पुराना बहरामपुर क्षेत्र के पहाड़ी रास्ते की ओर लेकर गई, जहां उसने पिस्टल छुपाने की बात कबूल की थी।
जैसे ही पुलिस हथियार की ओर बढ़ी, विनय ने छुपाई गई लोडेड पिस्टल निकालकर अचानक फायर कर दिया। गोली सीधे एएसआई मनमोहन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। हालात को भांपते हुए पुलिस ने पहले वार्निंग फायर किया और फिर जवाबी कार्रवाई में चलाई गई गोली आरोपी विनय के दाएं पैर में जा लगी।
दूसरा आरोपी भी हुआ घायल
इसी दौरान आरोपी बॉबी को भी हथियार बरामदगी के लिए भोंडसी इलाके में ले जाया गया था। वहां उसने भी पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की, लेकिन दौड़ते समय गिर गया, जिससे उसके पैर में चोट आ गई।
अस्पताल में भर्ती, कोर्ट में पेशी होगी
पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। इलाज के बाद उन्हें फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और बाकी आरोपियों से भी पूछताछ जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया और मामले में आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।