चरखी दादरी। गुरु रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह के चलते चरखी दादरी रोडवेज डिपो की बस सेवाएं शनिवार को बुरी तरह प्रभावित रहीं। डिपो के बेड़े में कुल 123 बसें शामिल होने के बावजूद 17 बसों को पानीपत और कुरुक्षेत्र भेजे जाने से स्थानीय यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। दादरी से रोहतक, झज्जर, भिवानी और कनीना जैसे प्रमुख रूटों पर कई फेरे समय पर नहीं हो सके, जिससे यात्रियों को बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करना पड़ा।
शनिवार को कुरुक्षेत्र जिले के उमरी में गुरु रविदास जयंती पर राज्यस्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दादरी डिपो से आठ बसें सीधे कुरुक्षेत्र भेजी गईं, जबकि नौ बसें पहले ही पानीपत डिपो के लिए रवाना की जा चुकी थीं। इन बसों के बाहर जाने से स्थानीय रूटों पर बसों की संख्या कम हो गई और यात्रियों की भीड़ बस स्टैंड पर उमड़ पड़ी।
बसों की कमी के चलते कई यात्रियों को खाली बूथों और देरी से आने वाली बसों का सामना करना पड़ा। खासकर नौकरीपेशा लोग, छात्र और बुजुर्ग यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि पर्याप्त सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था न होने से उन्हें मजबूरन निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा।
हालांकि रोडवेज विभाग ने यात्रियों को असुविधा न होने का दावा किया है। डिपो के ड्यूटी इंचार्ज संजय कुमार के अनुसार, पहले समारोह के लिए 36 बसें भेजने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में संख्या घटाकर शुक्रवार को नौ बसें पानीपत और शनिवार को आठ बसें कुरुक्षेत्र भेजी गईं। उन्होंने कहा कि कुछ लोकल रूटों पर समय जरूर प्रभावित हुआ, लेकिन उपलब्ध बसों के फेरे बढ़ाकर स्थिति को संभाल लिया गया।
इसके बावजूद जमीनी हकीकत यह रही कि बस स्टैंड पर भीड़ और लंबा इंतजार साफ नजर आया। यात्रियों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान स्थानीय रूटों के लिए अतिरिक्त वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।