बहादुरगढ़। युवा कांग्रेस ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए हरियाणा सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। युवा कांग्रेस के प्रदेश मीडिया चेयरमैन प्रदीप यादव ने कहा कि आरबीआई की रिपोर्ट ने राज्य की वास्तविक आर्थिक स्थिति को उजागर कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा देश के शीर्ष 10 सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में शामिल हो चुका है, जो चिंता का विषय है।
प्रदीप यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने लगभग 94 हजार करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, लेकिन इसमें से करीब 27 प्रतिशत यानी लगभग 25 हजार करोड़ रुपये केवल कर्ज के ब्याज भुगतान में खर्च हो गए। उन्होंने कहा कि जब सरकार की आय का बड़ा हिस्सा सिर्फ ब्याज चुकाने में चला जाए, तो विकास कार्यों पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
युवा कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बिना दीर्घकालिक योजना के लगातार कर्ज लिया और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कमजोर दिशा में धकेल दिया। उन्होंने कहा कि कर्ज की राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन और किसानों के कल्याण जैसे अहम क्षेत्रों में करने के बजाय प्रचार, आयोजनों और दिखावटी योजनाओं पर किया जा रहा है।
प्रदीप यादव ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और युवा रोजगार के लिए भटकने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य भारी कर्ज के बोझ तले दबा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार करोड़ों रुपये की लागत से हर जिले में पार्टी कार्यालयों का निर्माण करा रही है, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।
युवा कांग्रेस ने मांग की है कि राज्य सरकार आरबीआई के आंकड़ों के आधार पर अपनी आर्थिक नीतियों की तुरंत समीक्षा करे, गैर-जरूरी खर्चों पर रोक लगाए और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करे। प्रदीप यादव ने कहा कि युवा कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार जनता के बीच उठाएगी और सरकार से जवाबदेही की मांग करती रहेगी।