लखनऊ | समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने इसे “देश का सबसे महंगा राजमार्ग” बताते हुए कहा कि यह असल में एक्सप्रेसवे नहीं, सिर्फ एक चार-लेन सड़क है जिसे एक्सप्रेसवे का नाम दिया जा रहा है।
“₹7,000 करोड़ खर्च, लेकिन एक्सप्रेसवे का स्तर नहीं”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस सड़क के निर्माण में अत्यधिक खर्च किया है। उन्होंने कहा, “जब हम सरकार में थे तो हर प्रोजेक्ट की लागत को लेकर पारदर्शिता थी। लेकिन अब ₹7,000 करोड़ खर्च कर सिर्फ 4-लेन सड़क तैयार की गई है। यदि ₹2,000 करोड़ मुआवजा मान भी लें, तब भी ₹5,000 करोड़ की लागत में प्रति किलोमीटर ₹50 करोड़ का खर्च बैठता है – और यह सिर्फ 91 किमी लंबा है।”
“मुख्यमंत्री को नहीं पता एक्सप्रेसवे और हाईवे का अंतर”
सपा प्रमुख ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा और कहा, “मुख्यमंत्री को 4-लेन राजमार्ग और एक्सप्रेसवे के बीच का अंतर नहीं मालूम। यह सड़क भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुरूप नहीं बनी है। सवाल यह है कि क्या सरकार इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई करेगी?”
“डी कंपनी मतलब विकास कंपनी”
एक पत्रकार के सवाल पर ‘डी कंपनी’ का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा, “डी कंपनी से आप क्या मतलब निकालते हैं? मैं बताता हूं – डी कंपनी यानी ‘विकास कंपनी’। अब विकास में भी आप सवाल उठाएंगे?”
“पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भी करेंगे बेहतर काम”
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बोलते हुए अखिलेश ने दावा किया कि इसकी नींव समाजवादी पार्टी की सरकार में रखी गई थी। उन्होंने कहा, “जब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे बन रहा था, तब नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की बदौलत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की घोषणा और भूमि अधिग्रहण हुआ था। सपा सत्ता में आई तो हम इस पर और बेहतर काम करेंगे।”