लुधियाना । पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में ठेका (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पात्र कर्मचारियों के वेतन से हर महीने 200 रुपये विकास कर के रूप में काटे जाएंगे। यह फैसला पंजाब स्टेट डेवलपमेंट टैक्स एक्ट, 2018 के तहत लागू किया गया है।
सरकार की ओर से जारी ताजा आदेश के अनुसार यह कटौती सभी संबंधित कर्मचारियों के वेतन से नियमित रूप से की जाएगी और इसकी राशि ई-चालान के माध्यम से सरकारी खजाने में जमा कराई जाएगी। इस फैसले के बाद राज्यभर के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है।
DDO को दिए सख्त निर्देश
सरकार ने सभी ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे विकास कर की कटौती सुनिश्चित करें और समय पर सरकारी खाते में जमा कराएं। आदेश में यह भी कहा गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस संबंध में पंजाब के सभी सिविल सर्जनों और डिप्टी मेडिकल कमिश्नरों को पत्र जारी कर दिए गए हैं, ताकि आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया जा सके।
किन कर्मचारियों की सैलरी से होगी कटौती?
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (मानसिक स्वास्थ्य शाखा) द्वारा 4 फरवरी 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह टैक्स कटौती केवल उन्हीं कर्मचारियों पर लागू होगी जिनकी वार्षिक कर योग्य आय 2,50,000 रुपये से अधिक है।
सरकार ने साफ किया है कि आयकर अधिनियम के तहत अनुमन्य कटौतियों के बाद यदि किसी कर्मचारी की टैक्सेबल इनकम तय सीमा से ऊपर जाती है, तभी उसके वेतन से हर माह 200 रुपये काटे जाएंगे।
सरकार के इस फैसले को विकास कार्यों के लिए राजस्व बढ़ाने की दिशा में कदम माना जा रहा है, हालांकि कर्मचारियों के बीच इसे आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला निर्णय बताया जा रहा है।