शिमला, संजू-हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा विधायक दल के आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा को राज्यपाल से मुलाकात के दौरान राजनीतिक आरोपों के बजाय हिमाचल प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दे उठाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेताओं को विधायक क्षेत्र विकास निधि की बात करने के साथ-साथ रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने से प्रदेश को हो रहे नुकसान को भी प्रमुखता से उठाना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि RDG बंद होने के कारण हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से हिमाचल को मिलने वाली मदद रुकवाने का काम कर रहे हैं, जबकि उन्हें प्रदेश के हितों की पैरवी करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विधायक क्षेत्र विकास निधि तभी जारी की जा सकेगी, जब राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद यह पहली बार हुआ है जब हिमाचल प्रदेश की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट पूरी तरह बंद की गई है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और दुर्भाग्यपूर्ण फैसला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विशेष सत्र के माध्यम से जनता को यह बताएगी कि पिछले दस वर्षों में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को क्या दिया और राज्य के साथ कैसा व्यवहार किया गया।
सुक्खू ने भाजपा विधायकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे तथ्यों पर आधारित राजनीति करें, न कि दुष्प्रचार। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायक क्षेत्र विकास निधि केवल भाजपा विधायकों को ही नहीं, बल्कि कांग्रेस विधायकों को भी नहीं मिल रही है, क्योंकि राज्य की आर्थिक हालत सभी के सामने है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक फरवरी का दिन हिमाचल प्रदेश के लिए काला दिन साबित हुआ, जब RDG बंद करने का फैसला लिया गया। उन्होंने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे अब साथ चलें और वित्त मंत्री से नहीं, बल्कि सीधे प्रधानमंत्री से मुलाकात कर हिमाचल का पक्ष मजबूती से रखें। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि यदि भाजपा नेता प्रधानमंत्री से समय दिलवाते हैं, तो सरकार उनके साथ दिल्ली चलने को पूरी तरह तैयार है।