नई दिल्ली | तमिलनाडु के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में कौवों की मौत ने स्थानीय लोगों में चिंता पैदा कर दी है। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) की संभावित आशंका पर हाई अलर्ट जारी किया है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग ने सभी पोल्ट्री किसानों और जंगली पक्षियों के प्रबंधकों के लिए सख्त सुरक्षा उपायों को अनिवार्य किया है।
सावधानी और निगरानी बढ़ाई गई
सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ए. सोमासुंदरम ने कहा कि राज्य में बर्ड फ्लू के संभावित प्रसार के मद्देनज़र तुरंत एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी असामान्य पक्षी की मौत की सूचना तुरंत पशुपालन विभाग को दें। विभाग ने अधिकारियों को प्रवासी पक्षियों, कौवों और व्यावसायिक पोल्ट्री में किसी भी बीमारी या मौत की निगरानी तेज करने का निर्देश दिया है।
नए प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा उपाय
पशु चिकित्सा कर्मचारियों को मृत पक्षियों का पोस्टमॉर्टम करने से रोक दिया गया है। इसके बजाय सभी शवों को नियंत्रित क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशालाओं में भेजा जाएगा। मृत पक्षियों को या तो जला दिया जाए या गहरे दफना दिया जाए, ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके। बूचड़खानों और पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले कर्मियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जनता से अपील
डॉ. सोमासुंदरम ने जनता से कहा कि यदि उन्हें खांसी, बुखार, जुकाम या सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। यह कदम मनुष्यों में संभावित जूनोटिक संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी है।
विभाग की तत्परता
पशुपालन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी असामान्य घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार की यह पहल बर्ड फ्लू जैसी संभावित महामारियों से निपटने के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है।