चंडीगढ़ | पंजाब की राजनीति में आज एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस पार्टी ने पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इससे पहले कुछ दिनों पहले उन्होंने खुद पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था, जिसके बाद उन्हें पहले सस्पेंड किया गया था। अब इस विवादित मामले में पार्टी ने उन्हें पूरी तरह बाहर कर दिया है।
भूपेश बघेल ने दी जानकारी
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने अमृतसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि नवजोत कौर सिद्धू पहले सस्पेंड थीं, लेकिन अब पार्टी की गाइडलाइन और अनुशासन के तहत उन्हें पूरी तरह से पार्टी से बाहर किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक इस निष्कासन का कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ है।
विवाद की पृष्ठभूमि
सूत्रों के अनुसार, यह विवाद तब बढ़ गया जब चंडीगढ़ में गवर्नर से मुलाकात के दौरान नवजोत कौर सिद्धू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के लिए पार्टी में 500 करोड़ का पोर्टफोलियो होना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सुखजिंदर रंधावा पर टिकट बेचने के आरोप भी लगाए थे। इन बयानों के बाद कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें सस्पेंड करने का फैसला लिया।
राजनीतिक सफर
नवजोत कौर सिद्धू का राजनीतिक करियर 2012 में भापजा से शुरू हुआ। उन्होंने 2016 में पार्टी छोड़ दी थी और 2017 में कांग्रेस में शामिल हो गईं। 2019 में उन्होंने पार्टी छोड़ने की घोषणा की और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करने का संकेत दिया था। अब 2026 में पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया है, जो पंजाब कांग्रेस में एक बड़ी राजनीतिक हलचल मानी जा रही है।