नई दिल्ली। रूस और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच चल रही ‘डिजिटल जंग’ अब अपने सबसे सख्त दौर में पहुंच गई है। इस टकराव का ताजा असर दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp पर पड़ा है। रूस ने ऐप पर कड़ा शिकंजा कसते हुए उसकी सेवाओं को लगभग ठप कर दिया है। कंपनी ने भी पुष्टि की है कि रूसी सरकार की कार्रवाई के चलते देश में WhatsApp की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालात ऐसे हैं कि रूस में करीब 10 लाख यूजर्स के लिए फिलहाल संपर्क करना बेहद मुश्किल हो गया है।
WhatsApp की पैरेंट कंपनी मेटा का कहना है कि वह अपने यूजर्स को जोड़े रखने के लिए तकनीकी समाधान तलाश रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि रूस में ऐप का इस्तेमाल लगभग नामुमकिन होता जा रहा है। इस कदम को रूस और पश्चिमी टेक दिग्गजों के बीच बढ़ते तनाव के तौर पर देखा जा रहा है।
WhatsApp से नाराजगी की वजह क्या?
इस सख्ती की जड़ें यूक्रेन युद्ध और रूस की तथाकथित ‘डिजिटल संप्रभुता’ नीति से जुड़ी हैं। रूसी सरकार चाहती है कि उसके नागरिक अमेरिकी प्लेटफॉर्म्स की जगह देश में विकसित मैसेजिंग ऐप ‘MAX’ का इस्तेमाल करें। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सरकार की मंशा डिजिटल नियंत्रण मजबूत करने और नागरिकों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की है। रूस का आरोप है कि WhatsApp और Telegram जैसे ऐप्स धोखाधड़ी और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े डेटा को उसकी सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा नहीं करते।
इन ऐप्स पर भी गिरी गाज
रूस की डिजिटल पाबंदियां सिर्फ WhatsApp तक सीमित नहीं हैं। इससे पहले WhatsApp और Telegram की कॉलिंग सेवाओं पर रोक लगाई जा चुकी है। इसके अलावा एप्पल का FaceTime और युवाओं में लोकप्रिय Snapchat भी रूस की ‘ब्लैकलिस्ट’ में शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों और ऑनलाइन फ्रॉड के लिए किया जा रहा है, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से इन्हें प्रतिबंधित करना जरूरी है।
क्या बन सकती है सहमति?
क्रेमलिन ने साफ संकेत दिए हैं कि अब फैसला मेटा के पाले में है। रूसी सरकार का कहना है कि अगर मेटा देश के कानूनों का पालन करती है और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग के लिए तैयार होती है, तो प्रतिबंधों पर दोबारा विचार किया जा सकता है। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए, जब तक अमेरिकी कंपनी रूसी शर्तों को स्वीकार नहीं करती, तब तक रूस में WhatsApp की वापसी के आसार बेहद कम नजर आ रहे हैं।