मुंबई। भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का सत्र भारी दबाव के साथ शुरू हुआ। बाजार खुलते ही तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया और प्रमुख सूचकांक शुरुआती कारोबार में ही गहरे लाल निशान में पहुंच गए।
बाजार की ताजा स्थिति
सुबह के शुरुआती घंटों में बीएसई सेंसेक्स करीब 800 अंक लुढ़ककर 82,900 के आसपास आ गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी लगभग 270 अंकों की गिरावट के साथ 25,500 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव
इस गिरावट का केंद्र आईटी सेक्टर रहा, जहां 5 से 6 प्रतिशत तक की तेज कमजोरी दर्ज की गई। इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज शेयरों में 5-6 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के शेयर भी 3-4 प्रतिशत तक टूटे।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से विस्तार और ‘एंथ्रोपिक’ जैसे प्लेटफॉर्म्स द्वारा पेश किए जा रहे नए ऑटोमेशन टूल्स ने पारंपरिक आईटी आउटसोर्सिंग मॉडल को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। निवेशकों को आशंका है कि एआई आधारित समाधान से भारतीय आईटी कंपनियों के राजस्व पर दबाव पड़ सकता है।
वैश्विक बाजारों का असर
घरेलू बाजारों पर वैश्विक संकेतों का भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अमेरिकी बाजारों में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट रही। नैस्डैक 2 प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुआ। एआई स्टॉक्स को लेकर अनिश्चितता और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ी है।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखी गई। जापान का निक्केई 225 शुरुआती बढ़त गंवाकर करीब 0.7 प्रतिशत नीचे आ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोसडैक 1.3 प्रतिशत से अधिक गिरा।
पिछले सत्र की सुस्ती का विस्तार
गुरुवार को भी बाजार दबाव में रहा था। सेंसेक्स 558 अंक गिरकर 83,675 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 146 अंक फिसलकर 25,807 के स्तर पर रहा। शुक्रवार की तेज गिरावट को उसी कमजोरी का विस्तार माना जा रहा है।
फिलहाल बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, आईटी सेक्टर के प्रदर्शन और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।