जालंधर । गांव हजारा में अपने ही मासूम बेटे की जहरीला बिस्कुट खिलाकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी प्रवासी मजदूर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर हत्या के पीछे की साजिश और जहरीली दवा की खरीद से जुड़े तथ्यों की गहराई से जांच कर रही है।
थाना पतारा के एसएचओ राम किशन के अनुसार आरोपी की पहचान गजेन्द्र मुखिया के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के जिला मधेपुरा के गांव मत्करचक्क (थाना बिहारीगंज) का रहने वाला है। वह अपने परिवार के साथ लंबे समय से गांव हजारा में रहकर मजदूरी कर रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने 6 वर्षीय बेटे रूपेश को बिस्कुट पर जहरीली दवा लगाकर खिलाई थी। बिस्कुट खाने के कुछ समय बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
जीजा को फंसाने की थी साजिश
पुलिस के मुताबिक गजेन्द्र मुखिया इस घटना को हादसा दिखाकर अपने जीजा को फंसाना चाहता था। बताया जा रहा है कि आरोपी का अपने जीजा से पुराना विवाद चल रहा था और वह इसी रंजिश का बदला लेने के लिए इस साजिश को अंजाम देना चाहता था।
पत्नी के बयान पर दर्ज हुआ केस
एसएचओ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ उसकी पत्नी ममता देवी के बयानों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मेडिकल स्टोर की भूमिका की भी जांच
पुलिस ने उस मेडिकल स्टोर का भी पता लगा लिया है, जहां से आरोपी ने कथित तौर पर जहरीली दवा खरीदी थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी को दवा किस तरह और किन परिस्थितियों में दी गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ दवाइयों की बिक्री पर कानूनी पाबंदी होती है और यदि नियमों के खिलाफ दवा बेची गई है, तो मेडिकल स्टोर संचालक को भी पूछताछ के लिए शामिल किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपी से रिमांड के दौरान पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।