कालाअम्ब । औद्योगिक क्षेत्र कालाअम्ब में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब केंद्रीय आयकर विभाग की टीम ने एक साथ कई उद्योगों और निजी ठिकानों पर छापेमारी की। जानकारी के अनुसार विभाग की कार्रवाई चार प्रमुख औद्योगिक इकाइयों पर की गई। अचानक हुई इस रेड से उद्योग जगत में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग की टीम में दो दर्जन से अधिक अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने कंपनियों के दस्तावेज, अकाउंट बुक्स और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की। यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही। टीमों ने कार्यालयों के साथ-साथ संबंधित उद्योगपतियों के आवासों पर भी एक साथ दबिश देकर रिकॉर्ड खंगाले।
प्रारंभिक जांच में फर्जी बिलिंग के जरिए बड़े पैमाने पर लेन-देन में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ कंपनियों ने कथित तौर पर कागजी फर्मों के नाम पर खरीद दर्शाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया, जबकि वास्तविक उत्पादन और बिक्री के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है।
जांच एजेंसियां आयकर रिकॉर्ड के साथ-साथ जीएसटी से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं। विभाग को संदेह है कि इस पूरे मामले में करोड़ों रुपये की संभावित टैक्स चोरी हो सकती है।
कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा और वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि आयकर विभाग की ओर से अभी तक इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और टैक्स चोरी की वास्तविक राशि का खुलासा हो सकता है।