ऊना, राकेश-:ऊना जिला मुख्यालय में यूजीसी एक्ट को लागू किए जाने की मांग को लेकर एसी-एसटी-ओबीसी यूथ एकता महासभा के बैनर तले लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने एमसी पार्क में एकत्रित होकर रैली निकाली और उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार तथा सुप्रीम कोर्ट को ज्ञापन भेजकर यूजीसी एक्ट को शीघ्र प्रभाव से लागू करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में यूजीसी एक्ट के विरोध की आवाजें उठी थीं और इस पर न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अब समाज के वंचित वर्गों में चिंता का माहौल है। उनका तर्क है कि स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में जातीय भेदभाव की घटनाओं को रोकने और एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी एक्ट का सख्ती से लागू होना आवश्यक है।
मीडिया से बातचीत करते हुए महासभा के सदस्य वीरेंद्र हीर ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में कई बार जातीय टिप्पणियों और मानसिक उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे छात्रों पर गंभीर मानसिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने हाल की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं और इन पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
महासभा ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने समाज के बच्चों की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिससे वंचित वर्गों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।संगठन ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने यूजीसी एक्ट को शीघ्र लागू नहीं किया तो वे शिमला में भी बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल, उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से केंद्र सरकार, मुख्यमंत्री और सुप्रीम कोर्ट को ज्ञापन प्रेषित कर कार्रवाई की मांग की गई.