शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने चौड़ा मैदान, शिमला में सुक्खू सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। पेंशनरों ने प्रदेश सरकार पर उनकी लंबित मांगों को पूरा न करने और मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए। उनका कहना है कि बीते साल 28 नवंबर को धर्मशाला में हुए धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि वे एक हफ्ते के भीतर शिष्टमंडल को बातचीत के लिए बुलाएंगे, लेकिन यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ।
पेंशनरों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पेंशनरों के प्रति संवेदनशील नहीं है और उनकी देनदारियों को रोक कर अपना कामकाज चला रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे विधानसभा के बाहर भी धरना प्रदर्शन करेंगे।
उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक सेवानिवृत कर्मचारियों की ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन और संशोधित पेंशन का भुगतान।
13% महंगाई भत्ता और 146 महीनों का महंगाई भत्ते का बकाया।
हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को पेंशन की मासिक अदायगी पहली तारीख को