चंडीगढ़ | राज्यसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राज्य से भाजपा के राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा और किरण चौधरी का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है, जिसके चलते दोनों सीटों पर नए चुनाव कराए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है। इसके बाद 16 मार्च को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।
हरियाणा में इस बार राज्यसभा चुनाव को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस उम्मीदवार को लेकर हो रही है। पार्टी के भीतर कई नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन सबसे प्रमुख नाम हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद का बताया जा रहा है। बीके हरिप्रसाद इससे पहले भी हरियाणा में कांग्रेस प्रभारी रह चुके हैं और प्रदेश के शीर्ष नेताओं के साथ उनके अच्छे संबंध माने जाते हैं। ऐसे में उनके नाम पर विरोध की संभावना कम बताई जा रही है। वहीं पार्टी के बाहर जयराम रमेश और पवन खेड़ा के नाम भी चर्चा में हैं। इसके अलावा प्रदेश स्तर पर पूर्व अध्यक्ष उदयभान और विधायक राव दान सिंह के नाम भी हाईकमान तक भेजे गए हैं।
दूसरी ओर भाजपा में भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर लॉबिंग तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक इस बार राज्यसभा उम्मीदवार का चयन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पसंद के अनुसार हो सकता है। भाजपा खेमे में कैप्टन अभिमन्यु और कुलदीप बिश्नोई के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। वहीं, किरण चौधरी भी दोबारा टिकट पाने के लिए प्रयासरत हैं, हालांकि पार्टी उनके नाम पर फिर से दांव लगाएगी या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है।
राज्यसभा गणित की बात करें तो एक सीट जीतने के लिए उम्मीदवार को 31 वोट चाहिए होंगे। हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के पास 37 विधायक, जबकि भाजपा के पास 47 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी प्राप्त है। ऐसे में वर्तमान स्थिति में भाजपा और कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट जाना लगभग तय माना जा रहा है। भाजपा दूसरी सीट तभी जीत सकती है जब कांग्रेस में बड़ी क्रॉस वोटिंग हो, जिसकी संभावना कम बताई जा रही है।