धर्मशाला, राहुल चावला-:धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पेंशनर महामंथन सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पेंशनरों को सम्मानित करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान के लिए “सच्ची चौपाल” का आयोजन भी किया गया।
इस अवसर पर बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग और सरकार से बोर्ड को लगभग 85 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होनी है। यह राशि मिलते ही बोर्ड की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और पेंशन से जुड़े लंबित मामलों का निपटारा तेजी से किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यदि 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था हो जाती है तो पेंशनरों के लिए अलग से सरप्लस फंड तैयार किया जाएगा। साथ ही सरकार से 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त ग्रांट की मांग रखने की भी योजना है, जिसे पेंशन फंड में डाला जाएगा।
डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि पेंशनरों को प्राथमिकता देते हुए पहले पेंशन और उसके बाद कर्मचारियों का वेतन जारी किया जाएगा। इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में जल्द कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश आर्थिक चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है और आरडीजी बंद की जा चुकी है, लेकिन ओपीएस को बंद नहीं किया जाएगा तथा अन्य सुविधाएं भी जारी रहेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार बोर्ड से जुड़े पूर्व कर्मचारियों को सम्मानित करने की पहल की गई है। बोर्ड में निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है। मेडिकल बिलों और अन्य लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकांश फाइलों को डिजिटल कर दिया गया है, जिससे कामकाज में तेजी आई है।
पेंशनर संघ की ओर से वर्ष 2016 के बाद के एरियर जल्द जारी करने की मांग उठाई गई, जिस पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया। करीब 35 लाख रुपये डीए के रूप में जारी किए जा चुके हैं और लाइफ सर्टिफिकेट प्रक्रिया भी डिजिटल कर दी गई.