कोलकाता। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। यह कार्रवाई उन मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक ईआरओ (एईआरओ) के खिलाफ होगी, जिन्होंने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने में विफलता दिखाई।
एक अधिकारी के अनुसार, सुनवाई समाप्त होने के चार दिन बाद भी लगभग 1.15 लाख दस्तावेज अपलोड नहीं किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के सूत्रों के मुताबिक, 120 ईआरओ और 150 एईआरओ को इस मामले में दोषी पाया गया है।
आयोग ने सभी ईआरओ और एईआरओ को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यदि कोई आवेदन अस्वीकृत किया जाता है, तो उसका विशिष्ट कारण रिकॉर्ड किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई मामलों में इस नियम का पालन नहीं किया गया। इससे पहले दो ईआरओ, नौ एईआरओ, एक डेटा एंट्री आपरेटर और तीन माइक्रो-ऑब्जर्वर के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, 28 फरवरी को बंगाल में अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस प्रक्रिया की समीक्षा के लिए सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल से स्थिति की जानकारी ली। सीईओ ने आश्वासन दिया कि निर्धारित समय पर अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा जिन मतदाताओं के नाम में गड़बड़ी पाई गई, उनके लिए बाद में एक अतिरिक्त सूची प्रकाशित की जा सकती है।
यह कार्रवाई राज्य में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाता अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से की गई है।