पानीपत। हरियाणा के पानीपत स्थित भारतीय तेल निगम लिमिटेड के तेल शोधनालय में श्रमिकों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद से बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यस्थल पर नहीं लौटे हैं, जिसके चलते शोधनालय के कई महत्वपूर्ण निर्माण और रखरखाव कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।
प्रदर्शन के दौरान कुछ श्रमिकों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी बनी। जानकारी के अनुसार, पथराव की घटना के बाद पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद पूरे परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान तैनात किए गए हैं।
श्रमिकों की प्रमुख मांगों में बारह घंटे की पाली के स्थान पर आठ घंटे की ड्यूटी लागू करना, अतिरिक्त समय का उचित पारिश्रमिक देना, कार्यस्थल पर स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करना, सस्ती भोजन व्यवस्था उपलब्ध कराना तथा वेतन में की गई कटौतियों का स्पष्ट ब्यौरा देना शामिल है। इसके अलावा ठेकेदारों और सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार में सुधार की मांग भी उठाई जा रही है।
बुधवार को मुख्य द्वार संख्या तीन के बाहर श्रमिकों ने दोबारा एकत्र होकर नारेबाजी की और प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की। उनका कहना है कि जब तक मांगों को लागू करने की तिथि सहित लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, वे कार्य पर वापस नहीं लौटेंगे।
प्रशासन की ओर से उपमंडल अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा वार्ता के प्रयास जारी हैं, लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।