नई दिल्ली। पंजाब, पश्चिम बंगाल, गुजरात और केरल की पांच विधानसभा सीटों पर गुरुवार को उपचुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इन सीटों के परिणाम आज घोषित किए जाएंगे, जिनसे स्थानीय सियासी समीकरणों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव आयोग के अनुसार इन पांच सीटों के लिए 1,354 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें से 1,353 केंद्रों पर वेबकास्टिंग की गई। एक बूथ पर तकनीकी खामी के कारण रिकॉर्डिंग संभव नहीं हो सकी।
हाल ही में चुनाव आयोग ने निर्देश जारी कर सभी मतदान केंद्रों पर 100% लाइव वीडियोग्राफी अनिवार्य की है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को बढ़ावा मिल सके।
इन पांच सीटों पर था मुकाबला
विसावदर (गुजरात)
यह सीट आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक भूपेंद्र भयानी के भाजपा में शामिल होने के कारण खाली हुई थी।
- भाजपा: किरिट पटेल
- कांग्रेस: नितिन रणपरिया
- AAP: गोपाल इटालिया
कड़ी (गुजरात – अनुसूचित जाति आरक्षित सीट)
यह सीट भाजपा विधायक करसन सोलंकी के निधन से खाली हुई।
- भाजपा: राजेंद्र चावड़ा
- कांग्रेस: रमेश चावड़ा (पूर्व विधायक)
नीलांबुर (केरल)
यहां उपचुनाव में कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं।
- LDF: एम. स्वराज
- UDF (कांग्रेस): आर्यदान शौकत
- निर्दलीय (पूर्व तृणमूल): पी. वी. अनवर
- NDA: मोहन जॉर्ज
लुधियाना वेस्ट (पंजाब)
AAP विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी के निधन के बाद सीट खाली हुई।
- कांग्रेस: भारत भूषण आशु
- आप: संजीव अरोड़ा
- भाजपा: जीवन गुप्ता
- शिअद: परोपकार सिंह घुम्मण
कालीगंज (पश्चिम बंगाल)
तृणमूल विधायक नसीरुद्दीन अहमद के निधन के बाद पार्टी ने उनकी बेटी को मैदान में उतारा।
- TMC: अलीफा नसीरुद्दीन
- भाजपा: आशीष घोष
- कांग्रेस: काबिल उद्दीन शेख
क्या कहता है राजनीतिक विश्लेषण?
इन उपचुनावों को आगामी लोकसभा चुनावों से पहले जनता के रुझान का संकेत माना जा रहा है। खासकर गुजरात और पश्चिम बंगाल की सीटों पर हुए मुकाबले राज्य स्तर की राजनीतिक दिशा तय करने में भूमिका निभा सकते हैं।