कैथल। हरियाणा के कैथल जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता और विभागीय नियमों के उल्लंघन के मामले में हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। पुलिस अधीक्षक उपासना ने यह कार्रवाई करते हुए कहा कि संधू पर चल रही विभागीय जांच को प्रभावित करने, इंटरनेट मीडिया का दुरुपयोग करने और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप साबित हुए हैं।
जानकारी के अनुसार सुनील संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर विभागीय जांच को प्रभावित करने की कोशिश की और अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया। आरोप है कि उसने इंटरनेट मीडिया पर व्यूअर्स और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए पुलिस वर्दी का भी दुरुपयोग किया, जो विभागीय आचार संहिता के खिलाफ है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले उसे लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच की गई और सामने आए तथ्यों के आधार पर उसे नौकरी से बर्खास्त करने का फैसला लिया गया।
एसपी उपासना ने बताया कि सुनील संधू नशा विरोधी जागरूकता टीम का सदस्य था। उसके खिलाफ शिकायत मिलने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और चल रही जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू पिछले तीन दिनों से एक निजी अस्पताल में भर्ती है। गौरतलब है कि संधू ने डीएसपी ललित पर उसे नशा तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। पुलिस का कहना है कि अगर उसे कोई शिकायत थी तो वह इसे एसपी, आईजी या डीजीपी स्तर पर आधिकारिक रूप से दर्ज करा सकता था, लेकिन उसने मामला सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया। फिलहाल पुलिस विभाग ने पूरे मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है।