धर्मशाला, राहुल -: नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शनिवार को धर्मशाला में मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जो दल देशभर में लोकतंत्र की रक्षा की बात करता है, वही अपने ही विधायकों को सीमित दायरे में रखकर उनकी स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हाल ही में हरियाणा के कुछ कांग्रेस विधायकों को शिमला लाकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है। उनके मुताबिक इन विधायकों को सामान्य राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखा गया और उनकी आवाजाही भी नियंत्रित की गई। उन्होंने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को अपनी अंतरात्मा के अनुसार निर्णय लेने का पूरा अधिकार होना चाहिए और किसी भी प्रकार की पाबंदी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ मानी जा सकती है।पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की प्रशासनिक मशीनरी और पुलिस बल का बड़ा हिस्सा इन विधायकों की सुरक्षा और व्यवस्था में लगाया गया है। उनका दावा था कि यदि किसी सरकार को अपने ही जनप्रतिनिधियों पर भरोसा हो, तो उन्हें इस तरह निगरानी में रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने इसे कांग्रेस के भीतर बढ़ते अविश्वास और आंतरिक खींचतान का संकेत बताया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह पर निशाना साधते हुए ठाकुर ने कहा कि सरकार सार्वजनिक मंचों पर मजबूत होने का दावा करती है, लेकिन वास्तविक स्थिति अलग दिखाई देती है। उनके अनुसार मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां बताती हैं कि सत्ता पक्ष को अपने विधायकों की एकजुटता को लेकर आशंका बनी हुई है।ठाकुर ने यह भी कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार उतारा होता, तो राजनीतिक समीकरण और अधिक दिलचस्प हो सकते थे। उनका दावा था कि ऐसी स्थिति में कांग्रेस के कुछ स्थानीय विधायक भी दबाव और राजनीतिक हलचल के बीच किसी सुरक्षित स्थान पर रखे जा सकते थे।उन्होंने अंत में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, और किसी भी दल को अपने ही प्रतिनिधियों को लेकर संदेह की स्थिति पैदा नहीं होने देनी चाहिए।